इंजन में फंसे पेड़ को लेकर दौड़ती रही संगम एक्सप्रेस

मेरठ से प्रयागराज जाने वाली संगम एक्सप्रेस के इंजन में रविवार शाम करीब सात बजे धनौटा अंडरपास के पास आंधी में गिरा आम का पेड़ अटक गया, फिर भी 150 मीटर तक ट्रेन चलती रही। साथ ही ट्रेन को चलाने के लिए उपयोग में आने वाले बिजली लाइन (ओएचई वायर) भी इंजन के हिस्सों से लिपट गए। लोको पायलट आरके चौधरी की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से टल गया। उन्होंने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक लिया। इस दौरान ट्रेन में बैठे यात्रियों की सांसे थम गईं।

यह हादसा खरखौदा स्टेशन से तीन किमी पहले हुआ। इससे रात 10:30 बजे तक मेरठ-हापुड़ रेलवे ट्रैक ठप रहा। संगम एक्सप्रेस में सात स्लीपर, चार वातानूकुलित और चार सामान्य कोच लगे हुए थे। हादसे से नौचंदी एक्सप्रेस, खुर्जा पैसेंजर और संगम एक्सप्रेस बाधित हुई। जानकारी मिलते ही हापुड़ से रेलवे अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन इससे पहले ही ग्रामीण ट्रैक से पेड़ को हटाने में जुटे थे। ग्रामीणों ने धनौटा व खंदावली से कुल्हाड़ी मंगाकर पेड़ को हिस्सों में काटकर ट्रैक से हटाया। हापुड़ के स्टेशन अधीक्षक अजब सिंह ने बताया कि तेज आंधी और बारिश से रेल यातायात पर भी असर पड़ा।

मेरठ से प्रयागराज जाने वाली संगम एक्सप्रेस के इंजन में रविवार शाम करीब सात बजे धनौटा अंडरपास के पास आंधी में गिरा आम

रेलवे अधिकारियों की लापरवाही आई सामने

रोजाना ट्रैक पर गैंगमेन की टीम निरीक्षण करती है, जिससे ट्रैक पर कोई दिक्कत न आ सके। रेलवे ट्रैक से सटे पेड़ को हटाने के लिए कोई भी कार्य रेलवे की टीम ने नहीं किया। अगर पेड़ से ट्रेन पलट जाती तो हजारों यात्रियों की जान पर आफत आ जाती। ऐसे में रेलवे अधिकारियों की बड़ी चूक भी मानी जा रही है। गैंगमैन टीम को भी इस पेड़ के बारे में कोई सूचना नहीं थी। 

ढाई घंटे तक सिटी स्टेशन पर खड़ी रही नौचंदी एक्सप्रेस

दो घंटे 30 मिनट तक सिटी स्टेशन पर खड़ी रही नौचंदी एक्सप्रेस में यात्री स्टेशन मास्टर से चलने का समय पूछते रहे, लेकिन कोई भी कुुछ भी बताने को तैयार नहीं हुआ। एक ही जवाब मिल रहा था कि खरखौदा में ट्रैक पर पेड़ गिर गया है। कोई कोच के अंदर किताब पढ़ने लगा तो कोई कोर्ट और अपनी कार्यालय बैठक में समय से पहुंचने की चिंता में हाथ की उंगलियों पर घंटे गिनने लगा। कुछ यात्री कोच की ऊपर वाली सीट पर सो गए। सिटी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर खड़ी नौचंदी एक्सप्रेस इंतजार के बाद रात 10:30 बजे डीजल और बिजली इंजन के साथ प्रयागराज के लिए रवाना हुई।

मौत करीब से देखी... तेज लगा झटका

संगम एक्सप्रेस में सवार यात्रियों ने बताया कि एक बार तो ऐसा लगा कि ट्रेन पलट गई है। मेरठ से पिता कालूराम व भांजा प्रशांत के साथ प्रयागराज जा रहे मुजफ्फरनगर निवासी गौरव ने बताया कि जैसे ही तेज झटका लगा बहुत तेज आवाज आई। हमें लगा कि ट्रेन पलटने वाली है। इसके बाद कुछ नीचे की तरफ तारों के अटकने की आवाज आई, जिससे सामान्य कोच में बैठे सभी यात्रियों ने सोचा कि कुछ होने वाला है, लेकिन जैसे ही लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लेकर ट्रेन को रोका तो यात्रियों ने तुरंत नीचे उतरकर देखा। 


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